रामसेतु, राममंदिर और उत्तराखंड में मंदिरों का अधिग्रहण

सुब्रमण्यम स्वामी बीजेपी से राज्यसभा के सांसद है और सरकार के खिलाफ जाकर हिंदूवादी मुद्दों के लिए संघर्ष कर रहे है।

रामसेतु –
रामसेतु को तोड़ने का आदेश एनडीए की वाजपेई सरकार ने दिया। सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट में इस पर स्टे लिया। स्वामी लगातार रामसेतु को नेशनल हैरिटेज घोषित करने की मांग कर रहे है। समय समय पर ट्वीट करके अपनी नाराज़गी भी जाहिर कर चुके है लेकिन हिंदूवादी मुद्दे पर मोदी सरकार खामोश है।

राममंदिर –
राममंदिर पर बीजेपी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए स्वामी जी ने एक लेख ट्विटर पर शेयर किया है। बीजेपी ने इस मुद्दे पर सिर्फ रामायण सीरियल शुरू करने के अलावा कुछ नहीं किया।

https://www.pgurus.com/dear-hindus-does-the-central-govt-or-pm-deserve-any-credit-associated-with-lord-ram-or-his-mandir-let-us-examine/

उत्तराखंड में मंदिरों का अधिग्रहण
ये भी एक गंभीर मुद्दा है। उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार है और एक आदेश पारित करके 51 मंदिरों को सरकार के अधीन करने का प्रस्ताव पास किया जिस पर स्वामी को सरकार के खिलाफ जाकर कोर्ट में पिटीशन दायर करना पड़ा।

हिंदूवादी मुद्दों पर बीजेपी की इस बेरुखी का जिम्मेदार कौन??

आत्मनिर्भरता में विदेशी निवेश!!

क्या आपने कभी सोचा है आपकी आत्मनिर्भरता में कितना विदेशी निवेश है??
कुछ उदाहरण से समझते है। आप फ्लिपकार्ट यूज करते होंगे। एक भारतीय कंपनी है जिसका 77% अब वॉलमार्ट के पास है। वॉलमार्ट एक अमेरिकन कंपनी है, तो अगर आप फ्लिपकार्ट से खरीदारी एक इंडियन ऐप समझ कर करते है तो सच्चाई ये है कि आपकी आत्मनिर्भरता में 77% विदेशी निवेश हो चुका है।

एक और उदाहरण रिलायंस जियो का है मुकेश अंबानी की कंपनी है, सस्ता डाटा प्रोवाइड करती है काफी पॉपुलर है और भारत का एक बहुत बड़ा मार्केट कवर कर चुकी है। रिलायंस में करीब 20% तक का विदेशी निवेश हो चुका है जिसमें करीब 10% फेसबुक बाकी अन्य देशों की कंपनियों ने निवेश किया है। संभावना है कि जियो को अमरीकी शेयर मार्केट में लिस्टेड किया जा सकता है। इसी तरह भारती एयरटेल में करीब 45% का विदेशी निवेश है और सरकार की तरफ से 100% विदेशी निवेश की अनुमति दी जा चुकी है। इसी तरह वोडाफोन आइडिया विदेशी निवेश से चल रही है। अटकलें है कि अमेज़न आने वाले समय में एयरटेल में और गूगल वोडाफोन-आइडिया में निवेश कर सकती है।

ऐसे समय में सस्ते डाटा का मोह छोड़कर क्या आप बीएसएनएल पर शिफ्ट हो पाएंगे?? ये भी संभव है कि स्वदेशी कंपनी अपनाने के बाद भी आपकी आत्मनिर्भरता में विदेशी निवेश हो जाए।

No comments to show.

उत्तराखंड – आस्था पर अधिग्रहण

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने उत्तराखंड सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में एक पिटिशन दायर की है। 2017 से उत्तराखंड में बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार है। त्रिवेंद्र सिंह रावत प्रदेश के मुख्यमंत्री है 70 में से 57 सीटें जीतकर 46.5% वोट शेयर के साथ 2017 से बीजेपी सत्ता में है। स्वामी बीजेपी से ही राज्यसभा के सांसद है और आखिर ऐसा क्या कारण था कि खुद की सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में जाना पड़ा??

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक ट्वीट करके जानकारी दी कि उत्तराखंड सरकार ने एक आदेश पारित करके 53 मंदिरों को टेकओवर कर लिया है जिसमें उत्तराखंड के चारधाम भी शामिल है और मुख्यमंत्री ने खुद को देवस्थान बोर्ड का चेयरमैन अपॉइंट किया है। हालांकि इस पर ज्यादा बवाल नहीं हुआ और ये खबर ज्यादा हाईलाइट नहीं हुई। लेकिन कई सवाल छोड़ गई जैसे
क्या मंदिरों पर सरकार का इस तरह का अधिकार उचित है??
अगर यही कांग्रेस या अन्य पार्टियां अपने प्रदेशों में करेगी तो बीजेपी इसका विरोध करेगी??
सुब्रह्मण्यम स्वामी को खुद की पार्टी के खिलाफ कोर्ट में जाने की जरूरत क्यों पड़ी??
क्या अन्य पार्टियां किसी और धर्म के लिए इसी तरह के अधिग्रहण पर चुप रहेंगी??

Go back

Your message has been sent

Warning
Warning
Warning
Warning!